

“विकास नहीं, विनाश का मॉडल”
वापी में आप की परिवर्तन सभा में बीजेपी पर सीधा हमला, उबाल पर जनाक्रोश
सालासर मिशन | वापी
रिपोर्ट : विनय प्रजापति
दिनांक : 07/01/2026
औद्योगिक नगरी वापी में आम आदमी पार्टी की परिवर्तन सभा सत्ता के अहंकार पर सीधा प्रहार बनकर सामने आई। सभा में उमड़े जनसैलाब ने साफ संकेत दे दिया कि जिस “विकास” का ढोल बीजेपी पिछले 30 वर्षों से पीट रही है, वह अब जनता की नजरों में झूठ, लूट और विनाश का मॉडल बन चुका है।सभा में मौजूद गुजरात प्रदेश प्रमुख इशूदान गड़वी, गोपाल इटालिया, आदिवासी नेता चेतर वसावा, राजीव पाण्डेय, जीतू देसाई (वलसाड़ जिला प्रमुख), विपिन तोमर (वापी प्रमुख) सहित अन्य नेताओं ने एक सुर में कहा —“बीजेपी का विकास दरअसल कंपनियों का विकास है, जनता का नहीं।”जल–जंगल–जमीन पर हमला, आदिवासी और मजदूर सबसे ज्यादा पीड़ितआदिवासी नेता चेतर वसावा ने तीखे शब्दों में कहा कि बीजेपी के राज में जल, जंगल और जमीन खुलेआम छीनी जा रही है।उन्होंने ललकारते हुए कहा,“अगर अब भी आवाज नहीं उठी तो आने वाली पीढ़ी को न पानी मिलेगा, न जमीन और न ही इंसान की तरह जीने का हक।जरूरत पड़ी तो पूरे गुजरात के आदिवासी समाज के साथ अधिकारियों के दफ्तरों का घेराव किया जाएगा।”वसावा ने सीधे आरोप लगाया कि मजदूरों की मेहनत का पैसा कंपनियां, ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारी मिलकर खा रहे हैं और आम आदमी पार्टी इसे एक-एक पाई वापस दिलवाएगी।“बीजेपी का विकास मॉडल = ज़हर, बीमारी और मौत”गुजरात प्रमुख इशूदान गड़वी ने बीजेपी के तथाकथित विकास को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वापी आज गुजरात ही नहीं, पूरे देश में केमिकल ज़हर की राजधानी बन चुका है।उन्होंने कहा,“डॉक्टरों की रिपोर्ट बताती है कि यहां बच्चे पैदा होना तक मुश्किल हो गया है।यह विकास नहीं, यह मानवता पर हमला है।”इशूदान गड़वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने कंपनियों को खुली छूट दे रखी है —“कंपनियों से हफ्ता वसूली, डराना–धमकाना अब एक विशेष पार्टी की पहचान बन चुकी है।सरकार को जनता की जान से नहीं, सिर्फ नोटों से प्यार है।”“30 साल की सत्ता ने बीजेपी को तानाशाह बना दिया”गोपाल इटालिया ने आक्रोशित अंदाज में कहा कि बीजेपी की सबसे बड़ी बीमारी है अहंकार।उन्होंने कहा,“जब 30 साल तक एक ही पार्टी सत्ता में बैठी रहती है, तो वह जनता को मालिक नहीं, गुलाम समझने लगती है।आज वापी से लेकर गुजरात तक जनता उसी तानाशाही का दंश झेल रही है।”उन्होंने सांसद धवल पटेल के ‘400 कार्यकर्ताओं’ वाले बयान पर सीधा तंज कसते हुए कहा,“बीजेपी झूठ के सहारे राजनीति करती है।जनता को भ्रम में रखना ही इनका विकास मॉडल है।”11 गांवों को जबरन मनपा में जोड़ना, लोकतंत्र की हत्यासभा में यह भी उजागर किया गया कि वापी के 11 गांवों के एक भी सरपंच महानगरपालिका में शामिल होने को तैयार नहीं थे, इसके बावजूद बीजेपी सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए गांवों को जबरन मनपा में जोड़ दिया।नेताओं ने इसे लोकतंत्र की खुली हत्या बताया।“अब डर नहीं, बदलाव चाहिए”सभा के अंत में आम आदमी पार्टी ने जनता से आह्वान किया —“अब सवाल सिर्फ पार्टी बदलने का नहीं,ज़िंदगी बचाने का है।अपना घर, खेत, पानी और बच्चों का भविष्य बचाना हैतो अब सिर्फ एक रास्ता है —आम आदमी पार्टी।”वापी की परिवर्तन सभा ने बीजेपी के “विकास मॉडल” की असलियत जनता के सामने रख दी है। अब देखना यह है कि सत्ता का नशा टूटता है या जनता का सब्र।

